छत्तीसगढ़ के आदिवासी बच्चों की पहल, होस्टल में बनाया किचन गार्डन, रोज एक घंटे मेहनत कर अपने लिए उगा रहे सब्जियां

कांकेर जिले के चारामा ब्लॉक स्थित पण्डरीपानी गांव में स्थित प्री-मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास में विद्यार्थियों ने मिलकर पोषण वाटिका बनाई है। छात्रावास की इमारत के पीछे के खाली जगह को इन्होंने तैयार कर इसमें पोषण से भरे विभिन्न साग-सब्जियों के पौधों लगाए गए। रोजाना एक घंटे की मेहनत कर विद्यार्थी यहां पौधों की देखभाल करते हैं।

राजस्थान, मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों के किसान सिंचाई के लिए रात में मिलने वाली बिजली से परेशान हैं। कंपकपाती सर्दी में आधी रात को सिंचाई करने खेत जाना इनके लिए जानलेवा साबित हो रहा है।